Whatsapp Payment से करते हैं भुगतान तो हो जाएं सावधान

Whatsapp Payment से करते हैं भुगतान तो हो जाएं सावधान
Publish Date:07 November 2019 04:52 PM

इजरायल के स्पाइवेयर पेगासस द्वारा 121 भारतीयों के व्हाट्सएप खातों से छेड़छाड़ किए जाने के बाद, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि फेसबुक के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप को भारत में लॉन्च करने की योजना बना रही है जो डिजिटल बैंकिंग प्रणाली को खतरे में डाल सकती है।
देश के सबसे बड़े साइबर कानून विशेषज्ञों में शामिल पवन दुग्गल ने आईएएनएस को बताया कि वाट्सएप भुगतान को सही तरह से देखने की जरूरत है, क्योंकि मुख्य रूप से भुगतान में आप संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा शेयर करते हैं। वाट्सएप ने हैक किए गए अकाउंट्स के बारे में जिस तरह से सूचित किया है, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उसे लेकर पहले ही असंतोष जता चुका है। इजरायल के स्पाइवेयर पेगासस द्वारा 121 भारतीयों के व्हाट्सएप खातों से छेड़छाड़ किए जाने के बाद, विशेषज्ञों ने चेताया है कि फेसबुक अब व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म को भारत में भी लॉन्च करने की योजना बना रहा है ,जिससे डिजिटल बैंकिंग को खतरे में डालने संभावना है। व्हाट्सएप ने हैक किए गए अकाउंट्स के बारे में जिस तरह से बताया है, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उसे लेकर पहले ही निराशा व्यक्त कर चुका है। हाल ही में एनएसओ ग्रुप के सॉफ्टवेयर की सहायता से वैश्विक स्तर पर 1,400 व्हाट्सएप यूजर्स की जासूसी करने का मामला सामने आया है। जासूसी करने के लिए व्हाट्सएप के वीडियो कॉलिंग सिस्टम का उपयोग किया गया था। पवन दुग्गल ने कहा कि व्हाट्एप के हाल ही में हुए ऑपरेशनों से पता चला है कि सरकार के लिए इससे जानकारी प्राप्त करना मुश्किल है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत व्हाट्सएप एक सूचना का माध्यम है और उसे अनिवार्य तौर पर कानून के तहत उचित दक्षता दिखानी चाहिए, लेकिन कंपनी ऐसा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि आपको साइबर सुरक्षा मानकों, अंतरराष्ट्रीय व भारतीय कानूनों के पालन के बिना व्हाट्सएप को नए लाइसेंस या अनुमति देने की जल्दी नहीं होना चाहिए। हाल ही में हैकिंग की घटनाएं सामने आने के बाद सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक  और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया  कथित तौर पर डिजिटल भुगतान इस तंत्र में सोशल मीडिया एप्स को अनुमति देने के जोखिम का अनुमान लगा रहे हैं। दुग्गल ने कहा कि अगर व्हाट्सएप डेटा स्थानीयकरण मानदंडों, IT अधिनियम के नियमों और विनियमों का पालन नहीं करता है, तो नई अनुमति देने का कोई सवाल ही नहीं है।
 

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