हाईकोर्ट में भी फैसला बरकरार, रिटायर्ड कैप्टन के पुत्रों को खाली करना होगा पिता का घर

हाईकोर्ट में भी फैसला बरकरार, रिटायर्ड कैप्टन के पुत्रों को खाली करना होगा पिता का घर
Publish Date:07 November 2019 05:56 PM

फर्रुखाबाद,07 नवम्बर 2019 सेना से सेवानिवृत कैप्टन के साथ दुर्व्यवहार करने और मकान पर जबरन कब्जा करके रह रहे पुत्र व पुत्रबधुओं को घर से बेदखल करने के आदेश एसडीएम नें किये थे। घर खाली करने के लिए एक महीने का समय भी दिया गया था। इस सम्बन्ध में कैप्टन के पुत्रों ने हाई कोर्ट की शरण ली। लेकिन हाई कोर्ट नें भी सुनवाई से इंकार कर दिया। विदित है कोतवाली फतेहगढ़ क्षेत्र के अपर दुर्गा कालोनी निवासी कैप्टन सुरेन्द्र सिंह नें अधिवक्ता डॉ० दीपक द्विवेदी के द्वारा एसडीएम सदर के कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। जिसके कहा था कि कैप्टन सुरेन्द्र सिंह वर्ष 1990 में सेना से सेवा निवृत हुए थे। जिसके बाद उन्होंने एक प्लाट खरीदा और उस पर भवन निर्माण भी कराया। कैप्टन सुरेन्द्र नें बताया था कि उनके पुत्र गजेन्द्र सिंह,उनकी पत्नी गीता देवी, रवेन्द्र सिंह उनकी पत्नी उमा उनके मकान पर जबरन रह रहे है। जबकि उसकी अन्य जगह पर भी सम्पत्ति है। आये दिन घर में शराब पीकर अपमानित कर मारपीट करते है। एसडीएम के न्यायालय के मुकदमा दायर होनें के बाद एसडीएम् सदर व कल्याण अधिकारी नें मामले की सुनवाई कर आदेश जारी किया। आदेश में उन्होने कहा कि वरिष्ठ नागरिक व माता-पिता का संरक्षण अधिनियम 2007 के कानून के तहत आरोपी दोनों पुत्रों और पुत्र बधुओं को कैप्टन सुरेन्द्र सिंह के निजी भवन से बेदखल करने के आदेश जारी किये। इसके साथ ही घर से बाहर जाने के लिए एक महीने का समय भी दिया है। यदि एक महीने में भवन खाली नही किया गया तो पुलिस उन्हें घर से बेदखल करेगी। इस सम्बन्ध में बचाव करने के लिए एसडीएम सदर के आदेश के खिलाफ कैप्टन के पुत्र गजेन्द्र सिंह नें हाई कोर्ट की शरण ली। लेकिन कोर्ट नें मामले की सुनवाई से इंकार कर एसडीएम सदर के आदेश को कायम रखा है। अब कैप्टन के पुत्रों मकान खाली करना ही होगा। नही तो पुलिस कार्यवाही करेगी।
 

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